श्री भजन लाल शर्मा
माननीय मुख्यमन्त्री
डॉ. प्रेमचन्द बैरवा
अध्यक्ष एवं उच्च शिक्षामन्त्री
हिन्दी माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए विभिन्न
विषयों की पाठ्य एवं संदर्भ पुस्तकों की रचना करना तथा करवाना एक चुनौती पूर्ण
कार्य है, जिसको राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी गत् पांच दशक से निष्ठापूर्वक
सम्पादित कर रही है। अकादमी प्रयत्नशील है कि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए कम
से कम कीमत पर मानक पुस्तकें सुलभ हो सकें। इससे विद्यार्थियों को प्रामाणिक ज्ञान
और भाषा का शुद्ध संस्कार मिलेगा तथा लेखकों के लिए सम्मानजनक मानदेय का मार्ग
प्रशस्त होगा।
| लेखन और अनुवाद प्रस्ताव आमंत्रण |
| 1. |
अकादमी सामाजिक विज्ञान, मानविकी, कला, शिक्षा, वाणिज्य, विधि, विज्ञान एवं तकनीक और चिकित्सा आदि विषयों पर स्नातक एवं स्नातकोत्तर के पाठयक्रमानुसार हिन्दी माध्यम में पुस्तक लेखन प्रस्ताव आमंत्रित करती है।
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| 2. |
अकादमी उपरोक्त विषयों में मौलिक दृष्टि, अनुभव विचार एवं दर्शन वाली कृतियों के लेखन प्रस्ताव भी आमंत्रित करती है। ऐसे मौलिक लेखन की कृतियां बीज ग्रन्थमाला के अन्तर्गत प्रकाशित करेगी।
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| 3. |
अकादमी उपरोक्त विषयों में प्रचलित अन्य भाषाओं के लब्ध प्रतिष्ठ ग्रन्थों के हिन्दी भाषा में अनुवाद की योजना के प्रस्तावों को अनुमोदन पश्चात प्रकाशित किये जाने हेतु आमंत्रित करती है।
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| निदेशक |
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्ली द्वारा संचालित तकनीकी पाठ्यपुस्तक पुरस्कार योजना 2016-17 के अन्तर्गत खादी विकास एवं भावी स्वरूप नामक पाठ्यपुस्तक के मूल लेखन के लिए डॉ. संगीता सक्सेना को डिप्लोमा स्तर पर तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा अकादमी की निम्नलिखित पुस्तकों का पुरस्कार योजना 2015-16 के अन्तर्गत चयन किया गया है :-
| क्र.सं. |
पुस्तक |
लेखक |
पुरस्कार राशि |
| 1 |
अनुरूप इलैक्ट्रोनिक्स |
प्रो. श्यामा चरण प्रसाद |
एक लाख (1,00,000 Rs.) |
| 2 |
वस्त्र एवं परिधान निर्माण के मूलाधार |
डॉ. संगीता सक्सैना |
इकत्तीस हजार (31,000 Rs.) |